जिले में एक किसान ने जबसे चीकू की खेती शुरू की उसकी किस्मत ही पलट गई। शुरू में थोड़ी परेशानी जरूर हुई, लेकिन अब प्रतिमाह किसान को एक से डेढ़ लाख रुपए की आमदनी हो रही है। किसान ने अन्य लोगों को भी चीकू की खेती करने की सलाह दी है।
प्रतापगढ़ जिले के रठाजना थानाक्षेत्र के किसान धनराज पाटीदार पिछले कई वर्षों से चीकू की खेती कर रहे है। पाटीदार ने बताया कि उन्हें ये प्रेरणा कृषि विभाग के राम स्वरूप सेन से मिली थी। सेन उन्हें गुजरात राज्य में भ्रमण पर लेकर गए थे और जब वहां हमने चीकू की खेती करते हुए और चीकू के पेड़ देखे तो तुरंत फैसला लिया कि हम भी ये खेती करके देखते हैं। ये पौधे हमने 62 रुपये प्रति पौधे के हिसाब से उड़वाडा, सूरत, गुजरात से 140 पौधे मंगवाए थे। जिसमे से 20 पौधों की कलम खराब हो गयी थी। 118 पौधे अभी लगे हुए हैं। जिनमे 7वें वर्ष से फल आना शुरू हो गए थे। जिनसे फल लगभग 18 वर्ष से लग रहे हैं।
एक दो वर्ष बीच में फल कम आया था तो हमने मिट्टी की जांच करवाने के लिए भी पहुंचाई थी जो उपयुक्त पाई गई। मिट्टी में किसी तरह की कोई कमी नही थी। इसलिए फल स्वतः लगना शुरू हो गए हैं। शुरुआत में कम फल लगे थे लेकिन अब बराबर लग रहे हैं।
लगभग दो बीघा में चीकू की खेती कर रहे किसान धनराज पाटीदार ने बताया कि ये खेती बहुत ही लाभदायक है। इसमें न तो ज्यादा पानी की ज़रूरत होती है न किसी तरह की कोई दवाई की या खाद की। पौधे बड़े होने और पेड़ बन जाने के बाद कोई मेहनत का काम नही। और ये फसल कई वर्षों तक ले सकते हैं। अभी चीकू को गांव में जाकर रिटेल भाव मे 60 रूपए प्रति किलो के भाव से बेचते है । उनके बगीचे के चीकू काफी मीठे ओर अच्छे है जिन्हें लोग हाथोहाथ खरीद लेते हैं। उन्होंने बताया में जब गांवों में चीकू बेचने जाता हूं तो कई लोगों को इसकी खेती के बारे में बताता हूं की आप भी ये खेती कीजिये इसमें खर्चा कम आमदनी ज्यादा हैं।
