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इन 7 कामों के जरिए किसान खेती से भी ज्यादा कर सकते हैं कमाई, सरकार से भी मिलेगी मदद

Posted on December 15, 2020December 15, 2020 By User No Comments on इन 7 कामों के जरिए किसान खेती से भी ज्यादा कर सकते हैं कमाई, सरकार से भी मिलेगी मदद

वैसे तो भारत को कृषि प्रधान देश माना जाता है। इसलिए किसान (Farmers) को अन्नदाता का दर्जा दिया जाता है, लेकिन फसल का सही मूल्य न मिलने और बिचौलियों की ओर से ज्यादा मुनाफा कमाए जाने से उन्हें उनका हक नहीं मिल पाता है। ऐसे में सरकार ने किसानों के विकास के लिए कई अन्य उद्योगों में हाथ आजमाने के लिए प्रेरित कर रही है। इसमें पशुपालन एक बेहतर विकल्प है। किसान इसमें दिए गए 7 अलग-अलग क्षेत्रों में से किसी एक का भी बिजनेस (Business Ideas For Farmers) करके अच्छा मुनाफा (Earn Money) कमा सकते हैं। तो कौन-से हैं वो क्षेत्र जिसमें कमाई की है बेहतर संभावनाएं आइए जानते हैं।

डेयरी उद्योग
किसानों के लिए डेयरी फार्मिंग (Dairy Farming) का काम शुरू करना एक अच्छा विकल्प है। इसमें सरकार की ओर से कई तरह की छूट भी दी जाती है। साथ ही गर्वनमेंट संस्था नाबार्ड की ओर से इस काम के लिए लोन पर सब्सिडी भी मुहैया कराई जाती है। चूंकि दूध और इससे जुड़े प्रोडक्ट्स की डिमांड हमेशा रहती है, इसलिए ये फायदे का सौदा हो सकती है।

पोल्ट्री फार्म
मर्गी पालन के काम को भी किसान आजमा सकते हैं। ये छोटे और बड़े दोनों पैमाने में शुरू कर सकते हैं। इसके लिए सरकार अनुदान भी देती है। मुर्गी के मांस और अंडे की मांग में दिनों-दिन बढ़ोत्तरी की वजह से ये भी एक कमाई वाला बिजनेस है।

मछली पालन
खेती के साथ मछली पालन के काम में भी अच्छा मुनाफा है। एक एकड़ तालाब में मछली पालन से सालाना 6-8 लाख रुपये की कमाई की जा सकती है। इसमें सरकार की ओर से चलाई जा रही अलग-अलग स्कीमों से आप इस पर सब्सिडी भी पा सकते हैं।

भेड़ पालन
बकरी की तरह भेड़ पालन में भी अच्छी कमाई की जा कसती है। इसके मांस और दूध को बेचा जा सकता है इसके अलावा ऊन निकालने के लिए भी इन्हें पाला जाता है। इन सभी कामों के लिए कृषि वैज्ञानिक भेड़ की अलग-अलग नस्लें पालने की सलाह देते हैं।

बटेर पालन
बटेर पक्षी के मांस और अंडे की भी बाजार में काफी मांग रहती है। इसलिए ये बिजनेस भी एक बेहतर विकल्प है। एक मुर्गी को पालने में जितना खर्च आता है उसकी जगह 8 से 10 बटेर रखे जा सकते हैं। साथ ही मुर्गी के मुकाबले बटेर ज्यादा अंडे देगी। मादा बटेर 45 दिन की आयु से ही अण्डे देना शुरू कर देती है।

बकरी पालन
बकरी का दूध सर्दी-जुकाम और कफ समेत अन्य रोगों को ठीक करने में फायदेमद होता है। इससे इम्यूनिटी भी बूस्ट होती है। इसलिए बकरी के दूध की काफी डिमांड रहती है। ऐसे में किसान बकरी पालन को अपनी आजीविका का जरिया बना सकते हैं। इसके मांस की भी शहरों में काफी मांग रहती है।

मोती का बिजनेस

सच्चे मोतियों की डिमांड हमेशा से ही मार्केट में रही है। ये काफी मुनाफे वाला काम है। इसलिए किसान इसकी ओर भी रुख कर सकते हैं। इसकी खेती 10×10 फीट के तालाब में की जा सकती है। सीप में पाई जाने वाली मोती को अच्छे दाम पर बेचा जा सकता है। मोती की खेती के लिए अक्टूबर से दिसंबर तक का समय सबसे अच्छा माना जाता है। एक सीप करीब 8 से 12 रुपए की आती है। वहीं इससे निकलने वाली 1 मिमी से 20 मिमी सीप के मोती का दाम बाजार में करीब 300 से 1500 रुपये तक होती है।

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