ग्वार फली की खेती कृषकों के लिए अच्छी आमदनी का स्रोत बन सकती है| क्योंकि ग्वार एक बहुउद्देशीय फसल है| इसकी खेती सब्जी (हरी फलियाँ), चारा, दाना, हरी खाद, भूमि संरक्षण आदि के लिए की जाती है| ग्वार फली की सब्जियाँ शाकाहारी लोगों का संतुलित आहार है| प्रोटीन और रेशा युक्त होने के कारण इसे सब्जियों में प्रमुखता दी जाती है| इसकी ताजा व सूखी ग्वार फली को अन्य सब्जियों के साथ मिलाकर तरह-तरह की सब्जियाँ बनाते हैं| पशुओं के लिए पौष्टिक चारा व दाना दोनों इस फसल से मिलता है| व्यवसायिक जागरूकता और बाजार में माँग बढ़ने के कारण सब्जी वाली ग्वार फली के उत्पादन पर किसान ध्यान देने लगे हैं|
सब्जी वाली ग्वार फली की फसल में बुवाई के 50 से 55 दिनों बाद कच्ची फलियाँ तुड़ाई पर आ जाती हैं, जिससे किसान को एक लम्बे समय तक नगदी फसल के रूप में लाभ प्राप्त होता रहता है| लेकिन किसान इस फसल से पूरा लाभ नहीं ले पा रहे हैं| जिसका प्रमुख कारण उन्नत किस्म के बीजों का अभाव और खेती में आधुनिक तरीकों को नहीं अपनाना प्रमुख है| इस लेख में ग्वार फली की उन्नत खेती कैसे करें का विस्तृत उल्लेख है|
