नाशपाती की खेती भारत में ऊँचे पर्वतीय क्षेत्र से लेकर घाटी, तराई और भावर क्षेत्र तक में की जाती है| नाशपाती के फल खाने में कुरकुरे, रसदार और स्वदिष्ट होते हैं| इसके फल में पौषक तत्व प्रचुर मात्रा में होते है| यह सयंमी क्षेत्रों का महत्वपूर्ण फल है| नाशपाती की खेती भारत में अधिकतर हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश और कम सर्दी वाली किस्मों की खेती उप-उष्ण क्षेत्रों में की जा सकती है| कृषकों को नाशपाती की खेती वैज्ञानिक तकनीक से करनी चाहिए| ताकि उनको इसकी फसल से अधिकतम और गुणवत्तायुक्त उत्पादन प्राप्त हो सके| इस लेख में नाशपाती की वैज्ञानिक तकनीक से बागवानी कैसे करें की पूरी जानकारी का उल्लेख किया गया है|
उपयुक्त जलवायु
नाशपाती की खेती या बागवानी लगभग पूरे देश में गर्म आर्द्र उपोष्ण मैदानी क्षेत्रों से लेकर शुष्क शीतोष्ण ऊँचाई वाले क्षेत्रों में बिना किसी बाधा के की जा सकती है| नाशपाती समुद्रतल से लगभग 600 मीटर से 2700 मीटर तक इसका फल उत्पादन सम्भव है| इसके लिए 500 से 1500 घण्टे शीत तापमान 7 डिग्री सेल्सियस से नीचे होना आवश्यक है|निचले क्षेत्रों में इसकी बागबानी की सम्भावना उत्तर से पूर्व दिशा वाले क्षेत्रों में और ऊँचाई वाले दक्षिण से पश्चिम दिशा के क्षेत्रों में अधिक है| सर्दी में पड़ने वाले पाले, कोहरे और ठण्ड से इसके फूलों को भारी क्षति पहुँचती है| इसके फूल 3.50 सेल्सियस से कम तापमान पर मर जाते हैं|
भूमि का चयन
नाशपाती की खेती के लिए मध्यम बनावट वाली ब्लुई दोमट तथा गहरी मिट्टी की आवश्यकता होती है| जिसमें जल निकास सरलता से हो| दूसरे पर्णपाती फल पौधों की अपेक्षा नाशपाती के पौधे चिकनी और अधिक पानी वाली भूमि पर भी उगाये जा सकते हैं, परन्तु पौधों की जड़ों की अच्छी बढ़ौतरी के लिए मिट्टी दो मीटर गहराई तक पथरीली या कंकर वाली नहीं होनी चाहिए|
उन्नत किस्में
नाशपाती की खेती के लिए व्यावसायिक तौर पर अनुमोदित ऊँचे पर्वतीय क्षेत्रों की किस्में इस प्रकार है, जैसे-
अगेती किस्में- अर्ली चाईना, लेक्सटन सुपर्ब, थम्ब पियर, शिनसुई, कोसुई और सीनसेकी आदि|
मध्यम किस्में- बारटलैट, रैड बारटलैट, मैक्स-रैड बारटलैट, कलैप्स फेवरट, फ्लैमिश ब्यूटी (परागण) और स्टारक्रिमसन आदि|
पछेती किस्में- कान्फ्रेन्स (परागण), डायने डयूकोमिस, काश्मीरी नाशपाती और विन्टर नेलिस आदि|
मध्यवर्ती, निचले क्षेत्र व घटियों हेतु- पत्थर नाख, कीफर (परागण), चाईना नाशपाती, गोला, होसुई, पंत पीयर-18, विक्टोरिया और पंत पियर-3 आदि|
प्रमुख किस्मों का वर्णन
नाशपाती की प्रमुख किस्मों का वर्णन इस प्रकार है, जैसे-
अर्ली चाईना- सभी किस्मों से पहले पकने वाली किस्म, पौधों की बढ़ौतरी मध्यम रूप से, ऊपरी भाग फैलावदार, फल छोटे और गोल आकार वाले, मीठे व कम भण्डारण क्षमता वाले, जून महीने में फल पक कर तैयार हो जाती है|
लेक्सटन सुपर्ब- फल लम्बूतरा, खुरदरा, पतला तथा पीले के साथ-साथ हरे रंग के छिलके वाला, मीठा, रसदार तथा उत्तम गुणवत्ता वाला, पौधे की बढ़ौतरी मध्यम तथा ऊपरी भाग फैलावदार, अधिक पैदावार देने वाली किस्म किस्म है|
बारटलैट- सर्वाधिक लोकप्रिय व्यावसायिक किस्म, फल बड़े आकार वाला, छिलका पतला साफ पीले रंग का, कोमल, गूदा उत्तम श्रेणी का, बहुत रसीला, खुशबूदार, पौधे अधिक पैदावार देने वाले, मध्यम आकार के होते है|
रैड बारटलैट- नाशपाती का मध्यम से बड़े आकार का फल, गूदा सफेद रंग का, रसीला, कुरकुरा, खुशबूदार, घुलने वाला, नरम, जून के अन्तिम सप्ताह से मध्यम जुलाई तक पकने वाली किस्म, व्यापारिक स्तर पर अधिक लाभदायक, पौधे की वृद्धि दर मध्यम, मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में भी उगाने योग्य किस्म है|
मैक्स रैड बारटलैट- फल उत्तम गुणवत्ता वाला, रसीला, गूदा सफेद, लालिमा युक्त, बारटलैट की सुधरी किस्म किस्म है|
कलैप्स फेवरट- बारटलैट की तरह बड़े आकार का फल, नीम्बू की तरह पीला, भूरे बिन्दुओं वाला, गूदा उत्कृष्ट, चिकना, सुगन्धी वाला व मीठा, पेड़ बड़े आकार का और बहुफलदायक है|
